
कौन सी मुद्रा हो -
ढीले कपड़े पहने। आंख बंद करके सीधे बैठे। रीड की हड्डी सीधी हो और गर्दन झुकी न हो। हाथ ध्यान की मुद्रा में हो और पहले अंगों पर ध्यान लगाना शुरू करें ।
कैसे करें अंतर्मन ध्यान-
स्टेज वन -
ध्यान की मुद्रा में बैठकर शरीर के हर अंग ऊपर नीचे से ऊपर की ओर ध्यान को ले जाए हर अंगों पर कुछ न कुछ संवेदना होती है एड़ियों से शुरू कर सिर तक पहुंचे फिर उनको थोड़ा स्ट्रेच करें और उन पर ध्यान लगाएं फिर ढीला छोड़ दें ,आसपास की ध्यान लगाएं किसी आवाज पर रुके नहीं बल्कि उससे आगे बढ़ते जाएं और फिर दूसरी आवाज धीरे से अपनी जान को अंतर्मुखी बनाएं अपनी सांसों की आवाज को सुनने की कोशिश करें धीरे से ध्यान को दोनों आंखों के बीच में रखें जैसे वहां आकृतियां बनती है उसे देखें
स्टेज टू -
इसके बाद आसपास की ganpat ध्यान दें ध्यान को Jeet पर लेकर जाएं इस तरह आ रहा है उसे महसूस करें पूरा ध्यान रखें इसके बाद त्वचा पर ध्यान देकर जाए तो क्या पर हो रहे छोटे-छोटे स्पर्श को महसूस करें फिर मन में ही बोले मैं अंतर्मन का अभ्यास कर रहा हूं अभी अनुभव को साक्षी भाव से देखना है शरीर में पूरी संवेदना को भी समान भाव से देखना है इससे मन प्रसन्न होता है विश्राम की स्थिति इसके बाद करीब 5 से 7 मिनट के लिए लेट जाएं और शरीर को ढीला छोड़ दें और हर विचार को स्वीकार करें और ग्रुप में नहीं है फिर अपने अच्छे और बुरे विचारों को आने और जाने दे फिर उठ कर बैठ जाए ओम का उच्चारण करें , । दोनों हाथों की हथेलियों को आपस में रगड़े आंखों पर हथेलियों को रखें आंखों को खोल दें.

